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भगवान शिव और विष्णु के पुत्र की कथा

                   शिव और विष्णु  के पुत्र की कथा                     

bhagwan shiv aur bhagwan Vishnu Ka putra
नमस्कार दोस्तों

                 स्वागत हैं आप सभी का मेरे ब्लॉग पर । दोस्तों भगवान शिव और विष्णु जी के बारे में तो सभी जानते हैं । लेकिन शायद ही बहुत कम लोग जानते हैं । की भगवान शिव जी और भगवान विष्णु जी का एक पुत्र भी हैं। जोकि सबसे ज्यादा दक्षिण भारत में पूजे जाते हैं.  यह सुनकर आप हैरान हो गये होंगे की दो देवों का एक पुत्र कैसे संभव हैं लेकिन यह सत्य हैं।  इसके पीछे शस्य क्या हैं आज मैं आपको बताऊंगा....?


      दोस्तों भगवान शिव और भगवान विष्णु का जो पुत्र हुआ उनका नाम हैं भगवान अयप्पा। अयप्पा के जन्म का सम्बन्ध भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से हैं इसलिए इन्हे हरिहर के नाम से भी जाना जाता हैं।  पुराणों के अनुसार भगवान अयप्पा सास्ता के अवतार माने जाते हैं। भगवान अयप्पा के सम्बन्ध में जो कथा मिलती हैं वह कुछ इस प्रकार हैं।

        ज़ब देवों और दैत्यों ने समुद्र मंथन किया और उसमे से अमृत निकला।तो देवों और दानवों में लड़ाई होने लगी अमृत के हिस्सेदारी को लेकर।  इस समस्या के समाधान हेतु भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया। और दैत्यों के साथ छल करके अमृत देवताओं की पिला दिला दिया।

     कहा जाता हैं की मोहिनी इतनी अत्यधिक खूबसूरत थीं की कोई भी अगर उसे एक बार देखा ले तो मोहित हुए बिना नहीं रहा सकता था। इस वजह से दैत्य भी उनकी तरफ मोहित हो गये। और मोहिनी ने धोखे से सारा अमृतपान देवताओं को करा दिया। दूसरी तरफ ज़ब भगवान शिव ने भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार के बारे में सुना तो पहुंच गये श्री हरी विष्णु के निवास स्थान पर ।

    और स्तुति वंदना करने के बाद भगवान विष्णु से आग्रह किया की वे अपना मोहिनी रूप दिखाए।  तो ज़ब भगवान विष्णु ने भगवान शिव को अपना मोहिनी रूप धारण कर लज्जा भाव से तिरीछी नजर से शिव जी की ओर देखा तो भोले नाथ भी उनपर मोहित हो गये। और इतने अधिक मोहित हो गये की वे मोहिनी के पीछे पीछे भागने लगे। दोस्तों मोहिनी रूप धारण किये विष्णु जी और भगवान शिव के संसर्ग से भगवान अयप्पा का जन्म हुआ.  अयप्पा की दक्षिण भारत में विशेष रूप से पूजा होती हैं।

   तो दोस्तों अगर कहानी अच्छी लगी हैं तो कॉमेंट के माध्यम से जरूर बताएं.                                             ✓धन्यवाद ✓

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