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ब्रम्हा जी की मृत्यु क्यों हुई थीं,

                    ब्रम्हा जी की मृत्यु क्यों हुई थीं,                       
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नमस्कार दोस्तों
             आज की कथा का वर्णन लिंग पुराण के हिन्दी pdf मे पेज संख्या 107 से 108 के मध्य किया गया है, जिसमे बताया गया है की ब्रम्हा जी ने अपने प्राणों का त्याग क्यों किया, क्योंकि वो तो परमपिता कहे जाते है, उन्होंने ने ही समस्त सृष्टि की रचना की जिसमे समस्त प्राण रहित मनुष्य औऱ जीव जंतु शामिल है, आखिर ऐसा क्या हुआ था जिसके कारण परमपिता ब्रम्हा जी को ऐसा कृत्य करना पड़ा, आइये जानते है इसे विस्तार से,

         दोस्तों आप यह तो जानते ही है कि पृथ्वी की रचना का सारा कार्यभार ब्रम्हाजी ने संभाला था, इसी क्रम मे परमपिता ब्रम्हा जी ने एक बार पृथ्वी की रचना भी की थीं, लेकिन उसका किसी कारणवश उन्होंने विनाश कर दिया, अतः ज़ब दोबारा उन्होंने पृथ्वी के रचना के बारे मे सोचा, तो ब्रम्हाजी ने प्रजा की रचना हेतु घोर तप किया, जो कई हजारों वर्षों तक चलता रहा,

       लेकिन उस तप से उन्हें कुछ भी प्राप्त न हो सका, तब दीर्घकाल तक तप करने कई वजह से ब्रम्हाजी की आँखों से आँसू निकलने लगे, जिससे वात, पित्त, कफ, से युक्त, स्वस्तिक से युक्त बड़े बड़े केशो से युक्त महविषैले सरपंच उत्पन्न हुए, उन भयानक सर्पों को देखकर ब्रम्हाजी आश्चर्यचकित रह गये,

      औऱ तब निराश ब्रम्हाजी बोले की अगर मेरी तपस्या का फल यह है तो यह मेरे लिए धिक्कार है,  क्योंकि यह समस्त लोकों को विनाश करने वाली प्रजा है, इस प्रकार के क्रोध औऱ पश्चाताप से ब्रम्हाजी को मूर्छा आ गई, औऱ उसी समय परमपिता ब्रम्हा जी अपने प्राणों का त्याग कर दिया, किन्तु उनकी इस प्रकार प्राण त्यागने पर उनकी शरीर से ही 11 रूद्र उत्पन्न हुए,

       जो रोते हुए उत्पन्न हुए थे,  औऱ रोने के कारण ही वे रूद्र कहलाये, यही ब्रम्हाजी के प्राण थे, औऱ यही रूद्र समस्त प्राणियों के भी प्राण है, जो सभी जीवधारियों मे समय हुए है, महाभाग साधु ब्रम्हाजी के इस प्रकार के उग्र कार्य से प्रसन्न होकर, उन रुद्रो ने ब्रम्हाजी के प्राण वापस देकर फिर से जीवित कर दिया,

 तब प्राणों को प्राप्त कर ब्रम्हा जी ने देवेश्वर भगवान शंकर की पूजा आराधना की औऱ फिर से प्रजा रचना मे लगा गये, रूद्र के उत्पत्ति के सम्बन्ध मे एक दूसरी कथा भी मिलती है जो मैं होने अगले संस्करण मे बताऊंगा,

              अगर कथा अच्छी लगीं है तो शेयर करना ना भूलें,  साथ ही कमेंट मे" ओम नमः शिवाय"  लिखना न भूलें        
               
                                                                    👉धन्यवाद👈
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