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महाभारत युद्ध मे मरने वाले सभी योद्धा स्वर्गलोक ही क्यों गए..?

Mahabharat
नमस्कार दोस्तों
                 महाभारत युद्ध में मरने वाले सभी योद्धा स्वर्ग लोक में ही क्यों गए, और क्यों भगवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र की भूमि चुनी, इसके पीछे एक पौराणिक रहस्य है जो कि कौरव और पांडवों के पूर्वज से संबंधित है, जो इस प्रकार है,

कथानुसार :-
              पूर्व काल में राजा कुरु हुए जो रोज सुबह उठकर पूजा पाठ करके नित्य कर्म से निवृत्त होकर हल उठाकर कुरुक्षेत्र पहुंच जाते थे, और जोता करते थे ऐसा कई दिनों तक चलता रहा, एक बार देवराज इंद्र राजा कुरु के पास आए और राजा कुरु से कुरुक्षेत्र में हल चलाने का कारण पूछा तब महाराज कुरु ने कहा कि " हे देवराज मैं चाहता हूं कि जो भी इस क्षेत्र में मरे वह पुण्य आत्माओं के लोक में निवास करें, जवाब सुनकर देवराज को हंसी आ गई और वापस लौट आए,

लेकिन महाराज कुरु का उत्साह कम ना हुआ, वह रोज वहाँ लेकर पहुंच जाते हैं और कुरुक्षेत्र की जमीन जोतते, इंद्र ने कई बार आकर उनसे पूछा, लेकिन महाराज कुरु बार-बार वही जवाब देते और हर बार वही जवाब सुनकर देवराज इंद्र वापस लौट आते, महाराज कुरु भी इसे एक तपस्या समझकर रोज हल चलाने पहुंच जाते, ऐसी अनोखी तपस्या देखकर देवराज ने देवसभा बुलाई और राजा कुरु के इस अनोखी तपस्या के बारे में सभी देवताओं और सिद्ध ऋषियों को बताया,

राजा कुरु की मंशा जानकर सभी देवता बोले कि "देवराज यदि महाराज कुरु अपने इस प्रयत्न में सफल हो गए, तो मनुष्य बिना से यज्ञ किए ही स्वर्ग में आने लगेगा इस प्रकार तो कोई मनुष्य हमें हमारा यज्ञ भाग्य ही नहीं अर्पित करेगा और हमारा यञभाग नष्ट हो जाएगा अतः "हे देवराज इसकी कुछ युक्ति निकाले हो सके तो राजा कुरु को कोई वरदान देकर इस मुसीबत से छुटकारा दिलाएं, यह युक्ति देवराज इंद्र को भी अच्छी लगी,

अतः वें राजा कुरु के पास गए और बोले" कि राजन मैं आपके इस अथक प्रयास से प्रसन्न हूं अतः अब आप ज्यादा कष्ट ना उठाएं मैं आपको वरदान देता हूं कि जो मनुष्य या पशु निराहार रहकर या युद्ध में मारे जाने के कारण यहां प्राण त्यागेगा वह स्वर्ग का अधिकारी होगा, तब राजा कुरु ने इंद्र की बात मान ली, और अपने महल वापस लौट आए, यह बात भगवान कृष्ण को भी भली-भांति पता थी वह जानते थे कि यदि कुरुक्षेत्र में युद्ध हुआ तो युद्ध में मारे गए सभी वीरों को स्वर्ग की प्राप्ति होगी, इसलिए भगवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को चुना क्योंकि उनका लगाव पांडवों से भी था और कौरवों से भी, अतः सर्वसम्मति से कुरुक्षेत्र में ही महाभारत युद्ध का समापन हुआ, 

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