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कौव्वे का रंग काला क्यों होता हैं,

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नमस्कार दोस्तों
                   क्या आपने कभी सोचा है कि कौवे का रंग काला क्यों होता है? धार्मिक मान्यताओं और जनश्रुतियों के अनुसार कौव्वे का रंग पहले सफेद था लेकिन श्राप के कारण उसका रंग काला हो गया। क्योंकि हिंदू धर्म के अनुसार काला रंग अशुभ माना गया है। इसलिए कौव्वे को भी अशुभ का प्रतीक मना जाता हैं, प्रचलित लोक कथाओं के अनुसार :- प्राचीन समय में एक महा तेजस्वी ऋषि थे। जिन्होंने एक बार एक कौवे को अमृत की तलाश करने के लिए भेजा और चेतावनी भी दी कि वह केवल उसे ढूंढेगा पिएगा नहीं। तब कौव्वे का रंग सफेद हुआ करता था।

           वह कौवा जंगल पहाड़ नदी नाले हर जगह अमृत की खोज में भटकने लगा, पृथ्वी के इस छोर से उस छोर तक, काफ़ी लंबे अंतराल के बाद आखिरकार उसने अमृत ढूंढ ही लिया लेकिन कौवा जब अमृत के पास पहुंचा और अमृत को देखा तो उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई, उसके मन में विचार आया कि क्यों ना वह खुद ही अमृत पीले और अमर हो जाये, अतः वह कौवा अमृत को पी गया लेकिन जब ऋषि का ख्याल आया और उसकी कही बातें याद आई तो वह बहुत पछताया। लेकिन अब तो वह अमृत पी चुका था।

             अतः पछताते हुए कौवा महर्षि के पास वापस आया। जब कौवा ऋषि के पास पहुंचा। तो महर्षि ने कौवे से पूछा कि क्यों भाई अमृत मिला या फिर वैसे ही वापस आ गए। शर्मसार कौवा बोला कि हे मुनिवर अमृत तो मिल गया था लेकिन उसे देखकर मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई। और उसको मैंने खुद ही पी लिया, यह सुनकर मुनि क्रोध से भर कर बोले कि मेरे रोकने के बाद भी तूने अमृत का पान किया तूने मेरी अवज्ञा की है। मेरी आज्ञा का उल्लंघन किया है। इसका दंड तुझे अवश्य मिलेगी।

        मैं तुझे श्राप देता हूं कि तेरा रंग काला हो जाएगा। हालांकि तू ने अमृत का पान कर लिया है। इसलिए तुझे कोई रोग नहीं होगा ना ही तुझे बुढ़ापा आएगा अतः तू हमेशा अकाल मृत्यु को प्राप्त होगा और समस्त संसार तेरी निंदा करेगा, केवल श्राद्ध के 14 दिनों तक ही तेरा मान सम्मान होगा बाकी दिनों तुझे सिर्फ तिरस्कार ही प्राप्त होगा। इसीलिए श्राद्ध के 14 दिनों तक कौव्वे को पितररूपी मानकर भोजन कराया जाता हैं,

हालांकि मुझे तो नहीं लगता कि इस कहानी मे कोई सच्चाई हैं, लेकिन जनश्रुतियों मे प्रचलित हैं, लोगों का मानना हैं, इसलिए मैंने इस वीडियो का निर्माण किया, आपको क्या लगता हैं मुझे कमेंट मे जरूर बतायें, धन्यवाद 

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