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कर्ज मे क्यों डूबे हैं श्री हरी विष्णु,

LORD VISHNU

 कर्ज मे क्यों डूबे हैं श्री हरी विष्णु जी..?


नमस्कार दोस्तों 
यदि कोई आपसे कहे कि संसार के पालनकर्ता श्री हरि विष्णु जी धन के कर्ज में डूबे हुए हैं तो शायद आप नहीं माने, लेकिन पदम पुराण के उप संघार खंड में वर्णित कथा अनुसार श्री हरि विष्णु जी धन के कर्ज में इतना डूबे हुए हैं कि वें कलयुग की समाप्ति तक यह धन का कर्ज नहीं चुका पाएंगे, 

दोस्तों आप यह तो जानते ही हैं कि एक बार महर्षि भृगु ने भगवान विष्णु की छाती पर अपने पैरों से प्रहार किया था मतलब छाती पर लात मारी थी, तब श्री विष्णु ने मुनि के पैरों को सहलाते हुए कहा था कि " मुनिवर आपके कोमल पैरों में कहीं चोट तो नहीं आई, क्योंकि श्री हरि विष्णु को इस घटना के पीछे का कारण पता था, लेकिन महर्षि भृगु के जाने के पश्चात देवी लक्ष्मी रुष्ट होकर कहीं चली गई, क्योंकि महर्षि भृगु ने श्री विष्णु के जिस अंग पर प्रहार किया था, वहां पर देवी लक्ष्मी वास करती थी, अतः उन्हें श्री हरि का ऋषि के प्रति व्यवहार देखकर बहुत क्रोध आया जिसे अपना अनादर समझकर वें बिना बताए वहां से अंतर्ध्यान हो गई,

बहुत बीत जाने पर भी ज़ब माता लक्ष्मी वापस नहीं आयीं तो श्री विष्णु ने उन्हें ढूंढना प्रारंभ किया तो पाया की देवी लक्ष्मी ने एक कन्या का रूप धारण करके पृथ्वी पर जन्म ले लिया है, जो कि राजकुमारी पद्मावती के नाम से प्रसिद्ध थी, तब लीलाधर विष्णु जी ने भी वेंकटेश नामक युवक का रूप धारण किया और राजकुमारी पद्मावती से विवाह करने के लिए पहुंच गए, माता लक्ष्मी भी विवाह के लिए तैयार हो गई, लेकिन यहां पर एक समस्या आ खड़ी हुई की विवाह में जो धन खर्च होगा वह आए कहां से, क्योंकि माता लक्ष्मी के जाने के बाद भगवान विष्णु एकदम से कंगाल हो गए थे ऐश्वर्यविहीन हो गए थे,

वेंकटेश स्वामी और पद्मावती का विवाह :-

अतः इस समस्या के समाधान हेतु श्री हरि विष्णु जी ब्रह्मा और महादेव के पास गए, तब समस्या सुनकर ब्रह्मा जी भगवान विष्णु को साथ लेकर धन के देवता कुबेर के पास पहुंचे, तब कुबेर जी ने कर्ज के रूप में श्री विष्णु को धन दिया, जिसे लेते समय श्री हरि ने वचन दिया था कि जब तक सारा कर्ज समाप्त नहीं हो जाता वह सूद चुकाते रहेंगे, तब वेंकटेश स्वामी ने राजकुमारी पद्मावती से विवाह किया, यही कारण है दोस्तों की बालाजी मंदिर में भक्त दिल खोलकर दान देते हैं ताकि भगवान कर्ज से मुक्त हो सके, और मान्यता है कि कलयुग के समाप्ति तक भगवान विष्णु कुबेर का सारा कर्ज चुका देंगे, 

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